Saturday, April 1, 2023

20 Best hindi moral Stories for kids | बच्चे के लिए अच्छी अच्छी कहानियाँ | hindi story


20 Best hindi moral Stories for kids | बच्चे के लिए अच्छी अच्छी कहानियाँ | hindi story


 1 राजू और चोरी हुई साइकिल की

एक तो राजा का बेटा था, उसका नाम राजू तक था। वो बोहोत नोटि था और हमेशा अपने पापा की बात नहीं मानता था। राजू के पापा एक अमीर राजा थे, लेकिन राजू को सब पनीर असानी से नहीं मिलती थी। राजू के पास कोई दोस्त नहीं और वो बहुत अकेला रहता था।


एक दिन राजू ने अपने पिता से साइकिल मांगने के लिए बात की। राजू के पिता साइकिल का प्रयोग नहीं करना चाहते थे और कहा कि वह अब भी साइकिल नहीं चलाना चाहते हैं। राजू नाराज हो गया और साइकिल के लिए रोता हुआ अपने कमरे में चला गया।

राजू के पास पैसे नहीं थे, लेकिन वो साइकिल खरीदना चाहता था। उसने सोचा की वो साइकिल चुरा कर ले जाएगा। उसके रात को साइकिल चुरा लिया और चुपके से उसका टेस्ट ड्राइव करने के लिए निकल गया। पर वो साइकिल चलाना नहीं जानता था और गिर गया। साइकिल के टायर फट गए और राजू को चोट लग गई।

राजू ने साइकिल चुराने की बात अपने पापा से छुपाई थी, इसलिए वो अपने पापा को नहीं बता सकता था। उसने सोचा की वो साइकिल खुद ही ठीक कर देगा। पर उसके पास ठीक करने के लिए पैसे नहीं थे। तो राजू ने सोचा की वो साइकिल बेच कर पैसे कमाएगा और टायर ठीक करवा देगा।

राजू साइकिल बेचने के लिए अपने गांव के बाजार गया और साइकिल की कीमत ले आया। साइकिल की कीमत बहुत बढ़ गई है और अब राजू साइकिल बेचकर ज्यादा पैसा कमाएगा। राजू ने अपनी साइकिल को एक रिक्शा वाले को दिखाया और उसे राजू को साइकिल के टायर ठीक करवा दिए। रिक्शा वाले राजू से पैसे नहीं लिया और साइकिल चलाना सिखाया।

राजू ने पैसे बचा कर कुछ भी नहीं खरीदा। वो एक फुटबॉल, एक क्रिकेट बैट और एक हॉकी स्टिक करने का सोचा। राजू अब अपने गांव की पार्टी के साथ खेला करता था और हर कोई उसका दोस्त हुआ करता था।

अब राजू को भी अपने पापा से प्यार होने लगा है और वो अपने पापा से भी बातें किया करता था। उसने अपने पिता से माफी मांगी और साइकिल चोरी की सच्चाई भी बता दी। राजू के पिता ने राजू को गले लगाया, उससे माफी मांगी और उसे एक नई साइकिल भी दी।

अब राजू ने सीख की चोरी करने से कुछ नहीं मिलता और दोस्ती और मानदरी से सब कुछ हासिल किया जा सकता है


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 2. रोहित का अनोखा खिलौना: दिल को छू लेने वाली कहानी"




एक बार की बात है, एक छोटा सा बच्चा जिसका नाम था रोहित, अपने घर से दूर अपने नानी के घर गया था। वहां उसने अपने नानी के साथ बहुत सारी मस्ती की और क्या खिलौने भी खरीदे। पर एक खिलौने से उसके दिल में एक अजीब सा दर्द हो रहा था।

उसे नानी से कहा, "नानी, ये खिलोना मुझे पसंद नहीं है। कुछ और खिलोना ख़रीद सकते हैं?"

नानी ने उसके चेहरे पर प्यार से हाथ रख कर कहा, "बेटा, क्या खिलौनों के पीछे कोई खास बात है क्या?"

रोहित ने अपने नानी को बताया कि इस खिलौने से उसके बचपन के कुछ यादें जुड़ी हुई हैं और वो खिलोना अब उन यादों को ताजा कर देता है। नानी ने उसके हाथ पकड़ कर कहा, "बेटा, कभी कभी हमारे पास कुछ चीजें होती हैं जो हमें किसी भी तरह से यूनिक और स्पेशल बनती हैं। ये खिलोना तेरे लिए ऐसा ही है।"

रोहित ने अपनी नानी की बात सुन कर उस खिलौने को अपने दिल में रख लिया और वापस घर आ कर उसे खिलौनों को अपने कमरे में रख कर बैठ गया। हर बार जब हम खिलौनों को देखता तो उसके मन में कुछ अलग सा होता था।

एक दिन, रोहित के घर में एक छोटा सा एक्सीडेंट हो गया जिसके कारण उसके पापा को हॉस्पिटल में एडमिट करना पड़ा। रोहित बहुत परेशान था और उसके चेहरे पर आंसू आ गए। उसके अपने कमरे में जेक अपने खिलौनों को लिया और उसके साथ बैठ कर रोने लगा।

पर धीरे-धीरे, जब उसने अपने खिलौनों को देखा तो उसके चेहरे पर मुस्कान आई। वो समझ गया कि इस खिलौने में उसके लिए कुछ खास था और उसकी मुश्किलों का साथ दिया। उसके खिलौनों को पकड़ कर अपने पापा के पास जा कर उनसे कहा, "पापा, ये खिलोना मुझे बहुत स्पेशल लगता है। इसने मेरे पास जो भी मुश्किलें आई हैं उनको आसान कर दिया है। शायद ये आपके लिए भी कुछ खास हो।"

पापा ने उसकी बात सुन कर खिलौनों को लिया और उसके चेहरों पर मुस्कान आई। उसे रोहित को हग कर के कहा, "बेटा, तुम्हारे पास एक खास और स्पेशल चीज है जो तुम्हारे लिए बहुत खास है। और तुम्हारे सही कहा, ये खिलोना मेरे लिए भी खास है क्योंकि ये मुझे तुम्हारे प्यार की याद दिलाती है।"

इससे रोहित को अपने खिलौनों की अहमियत समझ में आ गई और वो समाज गया कि हर चीज अपने में यूनिक और स्पेशल होती है। उसने अपने खिलौनों को हमेशा अपने

पास रखा और अपनी नानी का शुक्रिया अदा करते हुए उन्हें बताया कि उनकी बात ने उन्हें खिलौनों की सच्चाई में मदद की।

रोहित के पापा ठीक हो गए और वो घर लौट आए। पर रोहित अब बड़े हो चूका था और उसने अपने खिलौनों को अपने दिल में रखा और उसे यादों के संग्रह में शामिल किया। हर बार जब हम खिलौनों को देखता तो उसके मन में एक अजीब सी खुशी होती थी।

इससे रोहित ने समझा कि हर चीज अपने में स्पेशल और यूनिक होती है और किसी भी चीज को जज करने से पहले उसकी सचाई को जाने की जरूरत होती है। वो अपने खिलौनों से बहुत प्यार करता था और यूज एक स्पेशल जगह दिया था अपने दिल में।

इसी तरह, रोहित ने अपने जीवन में और भी कोई अनोखी और खास चीज पाई और वो हर बार उनके दिल में जगह देते रहे। इससे उन्हें एक इमोशनल कनेक्ट मिला अपनी चीजों से और उनकी जिंदगी में एक नई रंगत आ गई।


 3. एक झूठे दोस्त का विश्वासघात


 
एक बार अली और कामरान नाम के दो दोस्त थे। वे बचपन से दोस्त थे और एक मजबूत रिश्ता था। उन्होंने क्रिकेट खेलने से लेकर परीक्षा की पढ़ाई तक सब कुछ एक साथ किया।

एक दिन अली कामरान के पास एक व्यापारिक प्रस्ताव लेकर आया। अली के पास एक नए उत्पाद के लिए एक विचार था जिसके बारे में उनका मानना ​​था कि यह एक बड़ी सफलता होगी। कामरान को पहले तो संदेह हुआ, लेकिन अली ने उसे आश्वस्त किया कि यह बहुत सारा पैसा बनाने का एक अचूक तरीका है।

उन्होंने एक साथ व्यवसाय शुरू करने का फैसला किया, अली उत्पाद विकास की देखभाल कर रहे थे और कामरान वित्त संभाल रहे थे। चीजें अच्छी तरह से शुरू हुईं, और उत्पाद बाजार में अच्छी तरह से प्राप्त हुआ। वे बहुत पैसा कमा रहे थे और उनका कारोबार फलफूल रहा था।

लेकिन फिर, कामरान ने ध्यान देना शुरू किया कि अली उसके साथ पूरी तरह ईमानदार नहीं है। अली अक्सर बहाने बनाते थे कि वे उतना पैसा क्यों नहीं बना रहे हैं जितना उन्हें होना चाहिए, और कामरान को शक होने लगा कि कुछ सही नहीं है।

एक दिन, कामरान ने अपने दम पर कुछ जाँच-पड़ताल करने का फैसला किया। उसे पता चला कि अली अपने निजी इस्तेमाल के लिए व्यवसाय से पैसा निकाल रहा था। कामरान हैरान और आहत था कि उसका दोस्त ऐसा कुछ करेगा।

जब कामरान ने अली का सामना किया, तो उसने पैसे चुराने की बात स्वीकार की और माफ़ी की भीख माँगी। कामरान अपने गुस्से और अपने दोस्त के प्रति वफादारी के बीच फटा हुआ था। आखिरकार, उसने अली को माफ करने और उसे एक और मौका देने का फैसला किया।

लेकिन उनके बीच चीजें कभी एक जैसी नहीं रहीं। कामरान अली पर फिर कभी पूरी तरह भरोसा नहीं कर सका और उनकी दोस्ती में तनाव आ गया। उन्होंने एक साथ व्यवसाय चलाना जारी रखा, लेकिन यह कभी भी उतना सफल नहीं रहा जितना पहले हुआ करता था।

अंत में, कामरान ने महसूस किया कि अली के साथ उसकी दोस्ती उसकी ईमानदारी और अपने ग्राहकों के भरोसे का त्याग करने के लायक नहीं थी। उसने कारोबार खत्म करने और अली से नाता तोड़ने का फैसला किया। हालाँकि यह एक दर्दनाक फैसला था, कामरान जानता था कि यह सही फैसला था।

उस दिन से कामरान ने व्यापार और मित्रता में ईमानदारी और सत्यनिष्ठा का मूल्य सीखा। उसने प्रण किया कि वह फिर कभी किसी को धोखा नहीं देगा, और हमेशा उन पर भरोसा करेगा जो इसके योग्य हैं।


 3. एक पेड़ की कहानी



एक समय की बात है, एक सुंदर जंगल में एक बहुत ही बड़ा पेड़ था। ये पेड़ बहुत पुराना था और उसमें ढेर सारी चिड़ियों का बसेरा था। पर कुछ लोगों ने सोचने के लिए ये पेड़ उनके लिए काम आएगा और उनके पैसे देगा।

एक दिन उन लोगों ने पेड के पास आकार पेड को काटने के लिए कहा। पर पेड ने उनसे अनुरोध किया कि कि वो उससे मत कटे, क्योंकि उसकी और ढेर सारी जानवारों की जिंदगी थी। लोगों ने उनकी बात नहीं मानी और पेड़ को काटने के लिए शुरू कर दिया।

पेड़ ने फिर भी आशा नहीं छोड़ी और उनसे ये कहा कि अगर वो उससे कटे से पहले एक कहानी सुनेंगे तो वो खुद ही अपने आप को काट लेंगे।

लोगों ने उसकी बात मान ली और पेड ने शुरू किया अपनी कहानी सुनाना। वो अपनी जिंदगी की कहानी सुनाते हुए बोली कि वो कभी अकेला नहीं था, और ढेर सारी जानवर उसके साथ थे। उसने बताया कि कितना सुख हमें मिलता था जब वो हर सुबह चिड़ियों की आवाजों से उठाता करता था।

लोगों ने उसकी बात सुनी और एक दम से पेड काटने से मन कर दिया। वो समझ गए कि पेड़ की जिंदगी काटने से उनको सिर्फ पैसे ही मिलेंगे, पर उसमें ढेर सारी जानवारों की जिंदगी है।

इस कहानी से हमें ये बात याद दिलानी चाहिए कि हमें अपने आस पास की प्रकृति का सही से सम्मान रखना चाहिए। क्योंकि अगर हम उससे खराब कर देंगे तो हमारी ही जिंदगी भी खराब होगी।


 4 बुराई का अंत (The End of Evil)



एक समय की बात है, एक गांव में एक बहुत बुरा आदमी रहता था। उसका नाम रामलाल था। रामलाल गांव में सबसे ज्यादा अमीर आदमी था, पर उसकी किसी से भी कोई दोस्ती नहीं थी। वो खुद से ज्यादा दुश्मनों की कमाई की तरफ देखता था और लोगों को धोखा देता था।

एक दिन, रामलाल को एक पंडित मिला। पंडित रामलाल से बात करते हुए उससे कहा, "रामलाल जी, आपके पाप बहुत ज्यादा है। आपके बुरा कर्मों की वजह से आपकी जिंदगी में दुख ही दुख है। आपको अपने आपको सुधारने की जरूरत है, वरना आपकी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी।"

रामलाल को पहले तो पंडित की बात समझ में नहीं आई। लेकिन धीरे-धीरे उससे अपने किए हुए पापों की याद आ गई। रामलाल पंडित से बता कर रो पड़े और माफ़ी माँगने लगा।

पंडित ने रामलाल को समझौता की बुराई करना कोई इंसान के लिए ठीक नहीं है। बुराइ किए हुए इंसान को एक दिन उसकी ही बुराई भुगतनी पड़ती है। पर रामलाल ने तब तक बहुत पाप किए थे कि एक दिन वो मारे बिना उसके पाप मिटने के लिए भी कोई उपाय नहीं था।

रामलाल की मौत के बाद उसके घर के सारे लोगों की जिंदगी में खुशियां आ गई। वो अपने आप को सुधारने किया और रामलाल की याद में सभी लोगों ने अच्छे के रास्ते पर चलना शुरू किया।

मोरल ऑफ द स्टोरी: बुराई का फल मीठा नहीं होता है। हमेशा सच और अच्छे के रास्ते पर चलना चाहिए। अगर हम बुरा करते हैं तो हमें अपने पाप के लिए एक ना एक दिन भुगतना ही पड़ेगा।



  बुराई का अंत (The End of Evil)




Ek samay ki baat hai, ek gaon mein ek bahut bura aadmi rehta tha. Uska naam Ramlal tha. Ramlal gaon mein sabse zyada ameer aadmi tha, par uski kisi se bhi koi dosti nahi thi. Woh khud se zyada dusron ki kamai ki taraf dekhta tha aur logon ko dhokha deta tha.

Ek din, Ramlal ko ek pandit mila. Pandit Ramlal se baat karte hue usse kaha, "Ramlal ji, aapke paap bahut zyada hai. Aapke bura karmaon ki wajah se aapki jindagi mein dukh hi dukh hai. Aapko apne aap ko sudharne ki zaroorat hai, varna aapki jindagi barbaad ho jayegi."

Ramlal ko pehle toh pandit ki baat samajh mein nahi aayi. Lekin dheere dheere usse apne kiye hue paapon ki yaad aa gayi. Ramlal pandit se bata kar ro pade aur maafi mangne laga.

Pandit ne Ramlal ko samjhaya ki burai karna koi insaan ke liye theek nahi hai. Burai kiye hue insaan ko ek din uski hi burai bhugatni padti hai. Par Ramlal ne tab tak bahut paap kiye the ki ek din woh mare bina uske paap mitne ke liye bhi koi upay nahi tha.

Ramlal ki maut ke baad uske ghar ke saare logon ki jindagi mein khushiyaan aa gayi. Woh apne aap ko sudharne kiya aur Ramlal ki yaad mein sabhi log ne achchai ke raaste par chalna shuru kiya.

Moral of the Story: Burai ka phal meetha nahi hota hai. Hamesha sach aur achchai ke raaste par chalna chahiye. Agar hum burai karte hai toh hume apne paapon ke liye ek na ek din bhugatna hi padega.

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 5. चंदा की सीख - Best hindi moral Stories for kids


एक बार की बात है, एक छोटे से गाँव में रोहित नाम का एक लड़का रहता था। रोहित को अपने दोस्तों के साथ खेलने का बहुत शौक था, लेकिन जब वे अपने पसंदीदा टीवी शो या फिल्मों के बारे में बात करते थे तो उन्हें हमेशा अकेलापन महसूस होता था। कारण यह था कि रोहित के घर में टेलीविजन नहीं था।

एक दिन रोहित की माँ उसे बाजार ले गई और उससे पूछा कि उसे क्या चाहिए। रोहित ने एक सुंदर कीबोर्ड देखा और अपनी माँ से उसके लिए इसे खरीदने को कहा। उसकी माँ मान गई और रोहित बहुत खुश हुआ।

रोहित ने हर दिन की-बोर्ड बजाना शुरू कर दिया और इसमें बहुत अच्छा हो गया। उन्होंने घंटों-घंटों तक अभ्यास किया और जल्द ही उन्होंने अपने स्कूल के वार्षिक दिवस समारोह में खेलना शुरू कर दिया।

एक दिन रोहित के शिक्षक ने उसे एक चैरिटी कार्यक्रम में खेलने के लिए कहा। रोहित सहमत हो गया और बड़े दर्शकों के सामने कीबोर्ड बजाया। उनके प्रदर्शन के बाद, एक आदमी उनके पास आया और कहा, "युवक, तुम बहुत प्रतिभाशाली हो। तुम्हें कीबोर्ड बजाना जारी रखना चाहिए।"

उस आदमी ने फिर रोहित को एक छोटा पैकेट दिया और कहा, "यह तुम्हारे लिए उपहार है।" रोहित ने पैकेट खोला तो उसमें एक छोटा सा नोट मिला। नोट में लिखा था, "हमेशा याद रखें, जैसे चंद्रमा पृथ्वी को रोशनी देता है, वैसे ही आप अपनी प्रतिभा से दूसरों को खुशी दे सकते हैं।"

रोहित भ्रमित हो गया और उसने उस आदमी से पूछा कि उसका क्या मतलब है। उस आदमी ने समझाया, "देखो, रोहित, जैसे चाँद पृथ्वी को रोशनी देता है, वैसे ही तुम्हारी प्रतिभा दूसरों को खुशी दे सकती है। तुम धर्मार्थ कार्यक्रमों, वृद्धाश्रमों और अस्पतालों में कीबोर्ड बजा सकते हो। तुम्हारी प्रतिभा दूसरों को खुश कर सकती है।" और उनके जीवन में खुशियां लाएं।"

रोहित ने उस आदमी के संदेश को समझा और दान कार्यक्रमों, वृद्धाश्रमों और अस्पतालों में खेलना शुरू कर दिया। उसने देखा कि कैसे उसकी प्रतिभा से दूसरों को खुशी मिलती है, और वह खुश और संतुष्ट महसूस करता है।

उस दिन के बाद से रोहित को हमेशा उस आदमी की बातें याद रहीं और वह अपनी प्रतिभा का इस्तेमाल दूसरों को खुशी देने के लिए करता रहा।

कहानी का नैतिक: जैसे चंद्रमा पृथ्वी को प्रकाश देता है, वैसे ही हमारी प्रतिभा दूसरों को आनंदित कर सकती है। हमें अपनी प्रतिभा का उपयोग दूसरों की मदद करने और उन्हें खुश करने के लिए करना चाहिए



चंदा की सीख - A Moral Story in Hinglish for Kids



Once upon a time, there was a young boy named Rohit who lived in a small village. Rohit was very fond of playing with his friends, but he always felt left out when they talked about their favorite TV shows or movies. The reason was that Rohit did not have a television at home.

One day, Rohit's mother took him to the market and asked him what he wanted. Rohit saw a beautiful keyboard and asked his mother to buy it for him. His mother agreed, and Rohit was very happy.

Rohit started playing the keyboard every day and became very good at it. He practiced for hours and hours, and soon he started playing in his school's annual day function.

One day, Rohit's teacher asked him to play at a charity event. Rohit agreed and played the keyboard in front of a large audience. After his performance, a man approached him and said, "You are very talented, young man. You should continue playing the keyboard."

The man then gave Rohit a small packet and said, "This is a gift for you." Rohit opened the packet and found a small note inside it. The note read, "Always remember, just like the moon gives light to the earth, you can bring joy to others with your talent."

Rohit was confused and asked the man what he meant. The man explained, "You see, Rohit, just like the moon gives light to the earth, your talent can bring joy to others. You can play the keyboard at charity events, old age homes, and hospitals. Your talent can make others happy and bring joy to their lives."

Rohit understood the man's message and started playing at charity events, old age homes, and hospitals. He saw how his talent brought joy to others, and he felt happy and satisfied.

From that day onwards, Rohit always remembered the man's words and continued to use his talent to bring joy to others.

Moral of the story: Just like the moon gives light to the earth, our talents can bring joy to others. We should use our talents to help and bring happiness to others.

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लंबे सफेद बालों बाले भूत के साथ दोस्ती ( Long, the Friendly Ghost with Long White Hair")



एक बार की बात है, घने जंगल में बसे एक छोटे से गाँव में लिली नाम की एक जवान लड़की रहती थी। लिली एक जिज्ञासु और साहसी लड़की थी जिसे जंगल का पता लगाना और नई चीजों की खोज करना पसंद था। एक दिन, जब वह जंगल से भटक रही थी, वह एक पुरानी और परित्यक्त हवेली पर ठोकर खा गई।

हवेली के भयानक रूप के बावजूद, लिली डरी नहीं थी। वह हमेशा रहस्यमयी और डरावनी चीजों से रूबरू होती थी। जैसे ही वह चरमराते पुराने दरवाजों से गुज़री, एक भूतिया आकृति ने उसका स्वागत किया। भूत लंबा और पतला था, जिसके लंबे सफेद बाल थे जो उसके सिर के चारों ओर एक प्रभामंडल की तरह तैर रहे थे।

लिली पहले तो चौंक गई, लेकिन जैसे ही भूत ने बोलना शुरू किया, उसने महसूस किया कि यह दोस्ताना था। भूत ने अपना परिचय लोंग के रूप में दिया और बताया कि वह हवेली में कई वर्षों से रह रहा था। लॉन्ग ने लिली को बताया कि वह इतने लंबे समय से अकेला था, और किसी से बात करने के लिए खुश था।

जैसे-जैसे दिन बीतते गए, लिली और लॉन्ग अच्छे दोस्त बन गए। वे एक साथ हवेली में बात करने और तलाशने में घंटों बिताते थे। लॉन्ग लिली को गुप्त मार्ग और छिपे हुए कमरे दिखाएगा, और लिली जंगल में अपने कारनामों के बारे में लंबी कहानियाँ बताएगी।

एक दिन, लिली ने देखा कि लॉन्ग उदास लग रहा था। उसने लॉन्ग से पूछा कि क्या गलत है, और भूत ने समझाया कि वह हवेली में फंस कर थक गया है। बहुत दिनों से जंगल और गांव से परे दुनिया देखने की ख्वाहिश थी, लेकिन हवेली से निकल नहीं पा रहा था।

लिली अपने दोस्त की मदद करने के लिए दृढ़ थी। उसने भूतों को आगे बढ़ने में मदद करने के तरीकों पर शोध करना शुरू किया, और अंततः पता चला कि हवेली छोड़ने से पहले लोंग को एक कार्य पूरा करने की आवश्यकता थी। कार्य एक खोए हुए खजाने को खोजना था जो कई साल पहले हवेली में छिपा हुआ था।

लिली और लॉन्ग ने हवेली की खोज में कई सप्ताह बिताए, लेकिन खजाना कहीं नहीं मिला। बस जब वे हार मानने वाले थे, लिली एक छिपे हुए कमरे में ठोकर खाई। कमरे के अंदर एक छोटा संदूक था, और जब लोंग ने उसे खोला, तो उन्हें खोया हुआ खजाना मिला।

लंबे समय तक बहुत खुश था, और उसकी मदद करने के लिए एक इनाम के रूप में, भूत ने लिली को एक इच्छा दी। लिली की इच्छा थी कि लॉन्ग हवेली से परे की दुनिया का पता लगाने के लिए स्वतंत्र होगा। और प्रकाश की एक उज्ज्वल चमक के साथ, लोंग गायब हो गया, केवल गर्मी और खुशी की भावना को छोड़कर।

लिली को पता था कि वह अपने भूतिया दोस्त को याद करेगी, लेकिन उसे शांति पाने में मदद करने में खुशी हुई। और जब वह जंगल से वापस चली गई, तो वह जानती थी कि वह लंबे सफेद बालों वाले दोस्ताना भूत लॉन्ग के साथ अपने साहसिक कार्य को हमेशा याद रखेगी।


लंबे सफेद बालों बाले भूत के साथ दोस्ती ( Long, the Friendly Ghost with Long White Hair")


Once upon a time, in a small village nestled deep in the forest, there was a young girl named Lily. Lily was a curious and adventurous girl who loved to explore the woods and discover new things. One day, as she was wandering through the forest, she stumbled upon an old and abandoned mansion.

Despite the mansion's eerie appearance, Lily was not afraid. She had always been intrigued by mysterious and spooky things. As she walked through the creaky old doors, she was greeted by a ghostly figure. The ghost was tall and thin, with long white hair that floated around its head like a halo.

Lily was startled at first, but as the ghost began to speak, she realized that it was friendly. The ghost introduced itself as Long, and explained that it had been living in the mansion for many years. Long told Lily that it had been lonely for so long, and was delighted to have someone to talk to.

As the days went by, Lily and Long became great friends. They would spend hours talking and exploring the mansion together. Long would show Lily secret passageways and hidden rooms, and Lily would tell Long stories about her adventures in the forest.

One day, Lily noticed that Long seemed sad. She asked Long what was wrong, and the ghost explained that it was tired of being stuck in the mansion. Long longed to see the world beyond the forest and the village, but was unable to leave the mansion.

Lily was determined to help her friend. She began to research ways to help ghosts move on, and eventually discovered that Long needed to complete a task before it could leave the mansion. The task was to find a lost treasure that had been hidden in the mansion many years ago.

Lily and Long spent weeks searching the mansion, but the treasure was nowhere to be found. Just when they were about to give up, Lily stumbled upon a hidden room. Inside the room was a small chest, and when Long opened it, they found the lost treasure.

Long was overjoyed, and as a reward for helping it, the ghost granted Lily one wish. Lily wished that Long would 






  7. रोहित के अजब गजब सफर: गांव से शहर और फिर वापस ( Rohit ke Ajab Gazab Safar: Gaon se Shehar aur Fir Wapas!")





एक बार एक छोटा सा शहर था जिस्म एक बहुत प्यार सा बच्चा रहता था। उसका नाम था रोहन। रोहन बहुत ही शरारती और मस्तीखोर बच्चा था, लेकिन उसके दिल में सबसे बड़ी चाह थी कि वो कभी भी अपने मां-बाप को खुश देख सके।

एक दिन रोहन को स्कूल से घर आते हुए एक चिड़िया दिखी जो उड़ते हुए तेज हवा में फंस गई थी। रोहन ने देखा कर अपने दोस्तों को बुलाया है उस चिड़िया को बचाया और उससे अपने घर में लाया।

उसके चिड़िया को एक छोटा सा पिंजरा बनाया और दूध और रोटी खिलाया। चिड़िया ने रोहन के प्यार को महसूस किया और वो उसके दोस्त बन गए।

कुछ ही दिन बाद, एक बार रोहन की मां ने उसे दांत और कहा कि वो बहुत शारती है और पढाई में ध्यान नहीं दे रहा है। रोहन को बहुत दुख हुआ और उसने सोचा कि वो अपनी मां को खुश कैसे कर सकता है।

तब भी चिड़िया को याद किया और उसके साथ बात करने लगा। चिड़िया ने रोहन को एक बहुत ही सुंदर ख्वाब दिखाया जिस्मे उसे एक शक्तिशाली जिन्न मिला। जिन ने कहा कि वो किसी भी चीज को हासिल कर सकते हैं, बस उसके लिए अपने दिल में पूरा विश्वास होना चाहिए।

रोहन ने जिन्न की बात सुनी और उसकी मदद से अपने स्कूल में बहुत ही अच्छी तरह से पढाई की। उसे अपनी मां को खुश किया और सभी के दिल में जगह बना ली।

उसके दोस्त और परिवार के साथ रोहन बहुत खुश था, लेकिन एक दिन चिड़िया उसे छोड़ कर चली गई। रोहन बहुत दुखी था, लेकिन जिन ने समझा कि अब वो खुद अपनी शक्ति का इस्तेमाल कर सकते हैं और अपनी समस्याओं को खुद ही सुलझा सकते हैं।

रोहन ने जिन्न की बात मान ली और अपनी शक्ति का इस्तमाल कर के एक बहुत ही बड़ा चैलेंज को मात दी। उसने अपने मां-बाप के लिए एक बहुत ही सुंदर घर बनाया और अपने स्कूल में भी एक प्रतियोगिता जीता।

रोहन की सफलता के बाद, चिड़िया वापस आई और उसे रोहन को अपनी शक्ति के बारे में बताया। उसे कहा कि जब रोहन की अपनी शक्ति पूरी तरह से उतर आएगी, तब वो बहुत ही शक्तिशाली और सफल होगी।

रोहन ने चिड़िया की बात मनी और अपनी शक्तिअपनी लाइफ में बहुत सारी चुनौतियों को दूर किया। उसके अपने दोस्तों और परिवार को खुश रखा और जिंदगी भर खुशी से बिता सके
 

 7. रोहित के अजब गजब सफर: गांव से शहर और फिर वापस ( Rohit ke Ajab Gazab Safar: Gaon se Shehar aur Fir Wapas!")


 Once upon a time, in a small village nestled between the hills, there lived a boy named Rohit. He was a curious child who loved to explore and learn new things. Rohit lived with his parents and his little sister, Anjali, in a humble mud house. They had a small farm where they grew vegetables and raised animals.

One day, while Rohit was exploring the forest behind his house, he stumbled upon an old, abandoned hut. The door was ajar, and Rohit could hear a strange humming sound coming from inside. Curious, he pushed open the door and peered inside.

To his surprise, he saw a strange machine with gears and levers, and a small, glowing crystal at its center. As he approached the machine, he felt a sudden jolt of electricity run through his body, and he was transported to a different world.

In this new world, Rohit found himself in a bustling city full of people and machines. The streets were lined with colorful buildings and towering skyscrapers, and the air was filled with the sound of cars honking and people talking. Rohit was amazed by what he saw and decided to explore the city.

As he wandered through the streets, he came across a group of children playing in a park. They were playing a game that Rohit had never seen before, and he was eager to join in. The children welcomed him with open arms, and they quickly became friends.

Over the next few days, Rohit explored the city with his new friends. They showed him all the sights and sounds of the city, and he was fascinated by the technology and advancements that he saw. However, Rohit began to miss his family and his village, and he knew that he had to find a way back.

One day, while exploring an old museum, Rohit stumbled upon an ancient book that contained instructions on how to operate the machine that had brought him to the city. He studied the book carefully and realized that he could use the crystal at the center of the machine to transport himself back home.

Rohit said goodbye to his new friends and made his way back to the hut where he had found the machine. He followed the instructions in the book and used the crystal to transport himself back to his village.

When he arrived back home, he found his family waiting for him, worried sick about where he had gone. Rohit told them all about his adventure in the city, and they listened in awe. He promised to show them the amazing things he had seen and to teach them everything he had learned.

From that day on, Rohit became known as the boy who had traveled to a different world and returned with amazing knowledge and stories. He shared his experiences with his family and friends, and they all learned from him and grew wiser and more curious because of it.



8. रोहन और चिड़िया की कहानी (The Story of Rohan and the Bird)



एक बार की बात है, पहाड़ियों के बीच बसे एक छोटे से गांव में रोहित नाम का एक लड़का रहता था। वह एक जिज्ञासु बच्चा था जिसे नई चीजें तलाशने और सीखने का शौक था। रोहित अपने माता-पिता और अपनी छोटी बहन अंजलि के साथ एक साधारण मिट्टी के घर में रहता था। उनके पास एक छोटा सा खेत था जहाँ वे सब्जियाँ उगाते थे और जानवर पालते थे।

एक दिन, जब रोहित अपने घर के पीछे जंगल की खोज कर रहा था, तो उसकी मुलाकात एक पुरानी, परित्यक्त झोपड़ी से हुई। दरवाजा खुला था और रोहित को अंदर से एक अजीब सी भनभनाहट की आवाज सुनाई दे रही थी। उत्सुकतावश उसने दरवाजा खोला और अंदर झाँका।

उसके आश्चर्य करने के लिए, उसने गियर और लीवर के साथ एक अजीब मशीन देखी, और उसके केंद्र में एक छोटा, चमकता हुआ क्रिस्टल था। जैसे ही वह मशीन के पास पहुंचा, उसने अपने शरीर में अचानक बिजली का झटका महसूस किया, और वह एक अलग ही दुनिया में चला गया।

इस नई दुनिया में, रोहित ने खुद को लोगों और मशीनों से भरे एक हलचल भरे शहर में पाया। सड़कों पर रंगीन इमारतें और गगनचुंबी इमारतें थीं, और हवा कारों के हॉर्न और लोगों के बात करने की आवाज़ से भरी हुई थी। रोहित ने जो देखा उससे चकित रह गया और उसने शहर का पता लगाने का फैसला किया।

जब वह सड़कों पर घूम रहा था, तो उसे एक पार्क में खेल रहे बच्चों का एक समूह मिला। वे एक ऐसा खेल खेल रहे थे जिसे रोहित ने पहले कभी नहीं देखा था, और वह इसमें शामिल होने के लिए उत्सुक था। बच्चों ने उसका खुले हाथों से स्वागत किया और वे जल्दी ही दोस्त बन गए।

अगले कुछ दिनों में, रोहित ने अपने नए दोस्तों के साथ शहर की खोजबीन की। उन्होंने उसे शहर के सभी नज़ारे और आवाज़ें दिखाईं, और उसने जो तकनीक और प्रगति देखी, उससे वह मोहित हो गया। हालाँकि, रोहित को अपने परिवार और अपने गाँव की याद आने लगी, और वह जानता था कि उसे वापस जाने का रास्ता खोजना होगा।

एक दिन, एक पुराने संग्रहालय की खोज करते समय, रोहित एक प्राचीन पुस्तक पर ठोकर खा गया जिसमें उस मशीन को संचालित करने के निर्देश थे जो उसे शहर में लाया था। उसने किताब का ध्यानपूर्वक अध्ययन किया और महसूस किया कि वह मशीन के केंद्र में क्रिस्टल का उपयोग खुद को वापस घर ले जाने के लिए कर सकता है।

रोहित ने अपने नए दोस्तों को अलविदा कहा और वापस उस झोपड़ी की ओर चल दिया जहां उसे मशीन मिली थी। उन्होंने पुस्तक में दिए गए निर्देशों का पालन किया और क्रिस्टल का इस्तेमाल खुद को अपने गांव वापस ले जाने के लिए किया।

जब वह घर वापस आया, तो उसने देखा कि उसका परिवार उसका इंतजार कर रहा था, वह चिंतित था कि वह कहाँ गया था। रोहित ने उन्हें शहर में अपने साहसिक कार्य के बारे में सब कुछ बताया, और वे विस्मय से सुनते रहे। उसने उन्हें वे अद्भुत चीज़ें दिखाने का वादा किया जो उसने देखी थीं और जो कुछ उसने सीखा था वह सब उन्हें सिखाने के लिए।

उस दिन से, रोहित उस लड़के के रूप में जाना जाने लगा, जिसने एक अलग दुनिया की यात्रा की थी और अद्भुत ज्ञान और कहानियों के साथ लौटा था। उन्होंने अपने अनुभवों को अपने परिवार और दोस्तों के साथ साझा किया, और वे सभी उससे सीखे और इसके कारण समझदार और अधिक उत्सुक हो गए।

8. रोहन और चिड़िया की कहानी (The Story of Rohan and the Bird)




Once upon a time, in a small village nestled between the hills, there lived a boy named Rohit. He was a curious child who loved to explore and learn new things. Rohit lived with his parents and his little sister, Anjali, in a humble mud house. They had a small farm where they grew vegetables and raised animals.

One day, while Rohit was exploring the forest behind his house, he stumbled upon an old, abandoned hut. The door was ajar, and Rohit could hear a strange humming sound coming from inside. Curious, he pushed open the door and peered inside.

To his surprise, he saw a strange machine with gears and levers, and a small, glowing crystal at its center. As he approached the machine, he felt a sudden jolt of electricity run through his body, and he was transported to a different world.

In this new world, Rohit found himself in a bustling city full of people and machines. The streets were lined with colorful buildings and towering skyscrapers, and the air was filled with the sound of cars honking and people talking. Rohit was amazed by what he saw and decided to explore the city.

As he wandered through the streets, he came across a group of children playing in a park. They were playing a game that Rohit had never seen before, and he was eager to join in. The children welcomed him with open arms, and they quickly became friends.

Over the next few days, Rohit explored the city with his new friends. They showed him all the sights and sounds of the city, and he was fascinated by the technology and advancements that he saw. However, Rohit began to miss his family and his village, and he knew that he had to find a way back.

One day, while exploring an old museum, Rohit stumbled upon an ancient book that contained instructions on how to operate the machine that had brought him to the city. He studied the book carefully and realized that he could use the crystal at the center of the machine to transport himself back home.

Rohit said goodbye to his new friends and made his way back to the hut where he had found the machine. He followed the instructions in the book and used the crystal to transport himself back to his village.

When he arrived back home, he found his family waiting for him, worried sick about where he had gone. Rohit told them all about his adventure in the city, and they listened in awe. He promised to show them the amazing things he had seen and to teach them everything he had learned.

From that day on, Rohit became known as the boy who had traveled to a different world and returned with amazing knowledge and stories. He shared his experiences with his family and friends, and they all learned from him and grew wiser and more curious because of it.

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